

निवाड़ी। नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में नारकोटिक्स, नशीली दवाओं एवं अफीम-गांजा जैसी मादक फसलों की अवैध खेती और तस्करी पर प्रभावी रोकथाम को लेकर कलेक्टर कार्यालय में एनसीओआरडी (नार्कोटिक कोऑर्डिनेशन) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती जमुना भिड़े ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों के बीच जिले में अवैध नशे के विक्रय, नशीली दवाओं के सेवन तथा तस्करी की रोकथाम को लेकर बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई के लिए निर्धारित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने निर्देश दिए कि स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नशीले पदार्थों के सेवन या बिक्री की सूचना मिलते ही तत्काल सूचना का आदान-प्रदान किया जाए, ताकि तुरंत वैधानिक कार्रवाई संभव हो सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशीली दवाओं की उपलब्धता कराने वाले अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
बैठक में जिले में अफीम, भांग एवं अन्य मादक फसलों की अवैध खेती का पता लगाने के लिए थाना एवं चौकी स्तर पर आसूचना संकलन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए एसडीओपी को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा गया कि तस्करी की प्रवृत्तियों से संबंधित सूचनाएं जमीनी स्तर से एकत्रित की जाएं।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन की सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए। संदिग्ध छात्र-छात्राओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग की जाएगी, जिसमें पुलिस एवं अधिकारी उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया ने आबकारी विभाग को निर्देशित किया कि अवैध शराब निर्माण एवं तस्करी के मामलों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के माध्यम से ठोस साक्ष्य जुटाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही आम नागरिकों को निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को लेकर प्रत्येक थाना एवं चौकी स्तर पर एसडीओपी एवं थाना प्रभारी गांव-गांव चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को जागरूक करेंगे, ताकि मादक पदार्थों से होने वाले सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों से लोगों को बचाया जा सके।



